Mahanayak: Subhas Chandra Bose - A Novel [English] 9789350335093 सभी साधना के मूल में
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Description
Mahanayak: Subhas Chandra Bose A Novel [English] 9789350335093 सभी साधना के मूल में सभी साधना के मूल में है मन और आत्मा की साधना। यह साधना वस्तुपरक जगत से आत्मपरक जगत की ओर जाती है। जब साधक वस्तुपरक सत्ता का अतिक्रमण कर आत्मपरक सत्ता में प्रवेश करता है तो तमाम अविश्वसनीय घटनायें घटने लगती हैं। जिसे हम चमत्कार कह कर टाल देते हैं। वस्तुपरक सत्ता का और तमाम घटनाओं का तो प्रमाण दिया जा सकता है और सिद्ध भी किया जा सकता है। लेकिन आत्मपरक घटनाओं का प्रमाण नहीं दिया जा सकता है और न ही सिद्ध किया जा सकता है। अद्वितीय मनोवैज्ञानिक अंतर्दृष्टि प्रदान करती है