Chamatkarik Divya Saamagriyaan[Hindi} Major SG Khot And how many are official
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Description
Chamatkarik Divya Saamagriyaan[Hindi} Major SG Khot And how many are official And how many are official communications भारतीय धर्म और दर्शन के अनुसार मृत्यु के बाद भी आत्मा नष्ट नहीं होती। स्थूल शरीर की ही तरह उसका सूक्ष्म शरीर में अस्तित्व बना रहता है। आत्मा एक सतत् विकासशील तत्व है उसके विकास की अन्तिम सीमा है मोक्ष मोक्ष को उपलब्ध होने पर आत्मा का अस्तित्व सदैव के लिए समाप्त हो जाता है। इसी अवस्था को आत्म मुक्ति कहते है। जैसे अपने आपमे मृत्यु सत्य है वैसे ही पुनर्जन्म भी अपने आपमे सत्य है। यदि मृत्यु है तो पुनर्जन्म भी अवश्य है। भारतीय