Madhumeh ki Chikitsa [Hindi] 9788120796546 भविष्यपुराण से सम्बन्धित अपना मत
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Madhumeh ki Chikitsa [Hindi] 9788120796546 भविष्यपुराण से सम्बन्धित अपना मत भविष्यपुराण से सम्बन्धित अपना मत लिखने के पूर्व यह कहना आवश्यक है कि विद्वानों का कथन है कि 'इतिहासपुराणाभ्यां वेदं समुपब्रम्हयेत ”कि इतिहास तथा पुराण वेद के उपबृंहित रूप हैं। यहाँ इतिहास तथा पुराण इन दो शब्दों का प्रयोग ध्यान देने योग्य तथ्य है। दोनों एक ही अर्थ के द्योतक नहीं हैं। इतिहास अलग और पुराण उससे अलग है। बृहदारण्यकउपनिषद् के शांकरभाष्य के अनुसार जगत् के प्रारम्भ की अवस्था से लेकर सृष्टि कार्य का प्रारम्भ होने तक का वर्णन पुराण है। अर्थात् पहले कुछ नहीं था कीरो ने लिखा है कि भारत में उन्हें कुछ ऐसे पंडितों के निकट पहुँचने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जिनके पास सदियों पुराना गूढ़ ज्ञान संचित था जिसे वे उतना ही पवित्र और पूजनीय मानते थे जितना वे अपने धार्मिक संस्कारों को l उनसे जो कुछ जानकारी और ज्ञान जो कीरो को प्राप्त हुआ उस पर उन्होंने सपरिश्रम अन्वेषण किया और अपने अनुभव कि कसौटी पर जांचा परखा l