Tantra Prayog [Hindi] The Business School [Bangla] 'चमन -ए-मुर्शिद' मेरी सूफी ग़ज़लों
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Description
Tantra Prayog [Hindi] The Business School [Bangla] 'चमन ए मुर्शिद' मेरी सूफी ग़ज़लों 'चमन ए मुर्शिद' मेरी सूफी ग़ज़लों का पांचवा संग्रह है I साधना की दृष्टि से इन गजलो का महत्व संत वाणी की तरह ही है I बहुत से मित्रो का आग्रह रहा है की कुछ अपनी मौलिक रूहानी बात कहु I मेरे भीतर खुद भी संतवाणी या सुफीवाणी के रूप में कुछ कहने का भाव बहुत दिनों से चल रहा था I'चमन ए मुर्शिद' इन्ही सब का परिणाम है I संकट नाशक गणेश स्रोत व् गणपति मन्त्र से वाधा निवारण